
●नई दिल्ली
मध्य-पूर्व में अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच भड़के भीषण संघर्ष की गूंज अब आसमान और समुद्र तक सुनाई देने लगी है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में भारतीय यात्री अलग-अलग देशों में फंसे हैं। भारत सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेष उड़ानों की व्यवस्था शुरू कर दी है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।
समुद्री मोर्चे पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। ओमान की खाड़ी के समीप भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस सूरत तैनात है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यदि हालात और बिगड़ते हैं तो यह युद्धपोत तुरंत राहत एवं निकासी अभियान में शामिल हो सकता है। यह पोत अत्याधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन के रडार की पकड़ से बचकर ऑपरेशन करने में सक्षम है।
इस युद्धपोत में 32 मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और 16 ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलें तैनात हैं। 163 मीटर लंबा और लगभग 7400 टन वजनी यह पोत 30 नॉटिकल मील प्रति घंटा की अधिकतम गति से समुद्र चीर सकता है। इसमें चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन इंजन, आधुनिक सर्विलांस रडार, पनडुब्बी रोधी रॉकेट तथा टॉरपीडो लॉन्चर लगे हैं, जो इसे बहुआयामी सैन्य क्षमता प्रदान करते हैं।
जरूरत पड़ने पर अदन की खाड़ी में मौजूद अन्य भारतीय युद्धपोतों को भी शीघ्र इस क्षेत्र में भेजा जा सकता है। स्पष्ट है कि भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, बल्कि समुद्री क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सजग और सक्षम है।
