■ अलग कानून लाने की दिशा में कदम

● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार राज्य में गुटखा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध बिक्री पर निर्णायक प्रहार की तैयारी में है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने संकेत दिए हैं कि गुजरात के शराबबंदी कानून की तर्ज पर महाराष्ट्र में गुटखा प्रतिबंध के लिए एक अलग, अधिक सख्त कानून बनाया जाएगा।
मंत्रालय में अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री झिरवाल ने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रावधानों के बावजूद अवैध गुटखा कारोबार थम नहीं रहा है। ऐसे में प्रभावी नियंत्रण के लिए कठोर कानूनी ढांचा आवश्यक हो गया है। उन्होंने संगठित रूप से चल रहे इस अवैध धंधे पर लगाम कसने के लिए मकोका कानून में आवश्यक संशोधनों की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने स्कूलों और महाविद्यालयों के परिसरों तथा उनके आसपास प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए तत्काल और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि राज्यभर में पहले से चलाए गए विशेष अभियानों के तहत कई मामलों में कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
बैठक में वैद्यकीय शिक्षा एवं औषधि विभाग, गृह विभाग तथा विधि एवं न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री झिरवाल ने कहा कि नए कानून का मसौदा तैयार करते समय उसके प्रभावी और व्यावहारिक क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा साफ है,वराज्य में अवैध गुटखा कारोबार पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जाएगा और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा।
