■ शताब्दी वर्ष के ‘नव क्षितिज’ आयोजन में संघ प्रमुख ने स्पष्ट की आरएसएस की भूमिका
■ नेहरू सेंटर में सिने जगत की उल्लेखनीय मौजूदगी

मुंबई
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी कार्यक्रम ‘संघ यात्रा के 100 वर्ष–नए क्षितिज’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की भूमिका और उसके स्वरूप को लेकर फैली भ्रांतियों पर खुलकर बात की। मोहन भागवत ने कहा कि संघ को बाहर से देखने पर अक्सर गलतफहमियां पैदा होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं, पर आरएसएस कोई पैरामिलिट्री संगठन नहीं है। स्वयंसेवक लाठी-काठी का अभ्यास करते हैं पर संघ अखिल भारतीय अखाड़ा नहीं है। संघ में घोष की धुन, गीत और संगीत होते हैं, पर यह कोई संगीतशाला नहीं है। स्वयंसेवक राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं, पर संघ स्वयं कोई राजनीतिक दल नहीं है। संघ का काम संघ के लिए नहीं, भारतवर्ष के लिए है।
अपने संबोधन में उन्होंने संदेश दिया कि संघ को समझने के लिए उसके कार्यों और विचारों को निकट से देखने की आवश्यकता है, दूर से बनाई गई धारणाएं वास्तविकता को नहीं दर्शातीं।
ज्ञात हो कि ‘नव क्षितिज’ नामक विशेष व्याख्यानमाला की शुरुआत शनिवार को हुई, जो अगले दो दिनों तक चलेगी। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में फिल्म और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। सुभाष घई, अश्विनी भावे, सुनील बर्वे और हेमा मालिनी जैसे प्रतिष्ठित नामों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। हालांकि, कार्यक्रम में जैसे ही अभिनेता सलमान खान पहुंचे, वे सहज ही आकर्षण का केंद्र बन गए। उनकी मौजूदगी ने न केवल उपस्थित दर्शकों का ध्यान खींचा बल्कि मीडिया कैमरों का रुख भी पूरी तरह उनकी ओर मुड़ गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आज सरसंघचालक मोहन भागवत का व्याख्यान आयोजित किया गया है, जबकि कल प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया है। इस विशेष आयोजन में फिल्म जगत, खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 900 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
