■ डॉ राधेश्याम तिवारी का प्रकल्प जनकल्याण का प्रेरक केंद्र

● जौनपुर
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से प्रेरणा लेकर ग्रामीण भारत के सुदूर अंचल तक सेवाभाव और सामाजिक सृजन की मजबूत कड़ी जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल की जा रही है। मुंबई स्थित डॉ. राधेश्याम अवधनारायण तिवारी फाउंडेशन (पंजीकृत) द्वारा उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में डॉ. राधेश्याम तिवारी शांति कुंज आश्रम और ग्रामीण जन सेवा केंद्र की स्थापना का संकल्प लिया गया है।
फाउंडेशन का प्रधान-कार्यालय मुंबई के दहिसर (पूर्व) स्थित सनलिट हाइट्स में है, जबकि उप-कार्यालय जौनपुर जनपद के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत ग्राम धीरपुर (विजयगिर) में संचालित है। मुंबई जैसे महानगर में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से उपजी यह पहल अब ग्रामीण अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और कौशल विकास के नए अवसर सृजित करने का आधार बनेगी। इस प्रकल्प के अंतर्गत 5 दिसम्बर 2025 को भूमि पूजन का शुभ कार्य विधिवत रूप से संपन्न हो चुका है।
प्रस्तावित प्रकल्प के प्रमुख उद्देश्यों में पुस्तकालय एवं वाचनालय, सभागार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजक गतिविधियों की सुविधा, युवाओं के लिए खेलकूद संसाधन, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, धर्मार्थ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र तथा प्राचीन वस्तुओं के संग्रहालय की स्थापना शामिल है। चयनित स्थल ग्राम धीरपुर (विजयगिर), ब्लाक बरसठी, जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
न्यास के चेयरमैन एवं प्रबंध ट्रस्टी डॉ. राधेश्याम तिवारी ने विश्वास जताया कि मुंबई से आरंभ हुई यह सेवायात्रा ग्रामीण अंचल में सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करेगी तथा आने वाले समय में यह प्रकल्प जनकल्याण का एक प्रेरक केंद्र बनेगा।
