
● अल हुतैब @यमन
बारिश… जिसे देखते ही मन प्रसन्न हो उठता है। उसके आते ही प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, मिट्टी की खुशबू हवाओं में घुल जाती है। पर दुनिया में एक ऐसा भी गांव है, जहां लोग बारिश की एक बूंद को देखने के लिए तरसते हैं। यह सुनकर अचरज होता है, पर यह सच है।
यमन देश में स्थित अल हुतैब नामक गांव दुनिया के उन विरले स्थानों में शामिल है, जहां आज तक बारिश नहीं हुई। यह तथ्य न केवल आम लोगों को, बल्कि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी हैरान करता है। इस अनोखी स्थिति के पीछे प्रकृति का एक विशेष नियम काम करता है।
अल हुतैब गांव समुद्र तल से लगभग 3200 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। आमतौर पर वर्षा कराने वाले बादल 1500 से 2000 मीटर की ऊंचाई पर बनते और बरसते हैं। यानी जिन बादलों से बारिश होती है, वे इस गांव की ऊंचाई से काफी नीचे रह जाते हैं। इसी कारण अल हुतैब की धरती बारिश से वंचित रह जाती है। गांव के लोग नीचे घाटियों में बरसते बादलों और वर्षा को दूर से देख सकते हैं।
बारिश न होने का असर यहां के मौसम पर भी साफ दिखता है। सुबह के समय ठंडी और तेज हवाएं चलती हैं। जैसे ही सूरज ऊपर चढ़ता है, तापमान तेजी से बढ़ जाता है और दिन के समय तेज गर्मी महसूस होती है।
इसके बावजूद अल हुतैब के लोग जीवन से हार नहीं मानते। पहाड़ी ढलानों पर पारंपरिक तरीकों से खेती की जाती है। पानी के संरक्षण के लिए पुराने और सटीक उपाय अपनाए जाते हैं। इस क्षेत्र की येमेनी कॉफी दुनिया भर में मशहूर है, जिसका स्वाद और सुगंध बेहद विशिष्ट मानी जाती है।
अल हुतैब गांव यह साबित करता है कि प्रकृति चाहे जितनी कठोर क्यों न हो, इंसानी जिजीविषा और सामंजस्य का रास्ता हमेशा निकल ही आता है।
