■ सफर में गूंजेगी ‘जय हो’ की धुन

● मुंबई
मुंबई के महत्वाकांक्षी कोस्टल रोड को अब एक नई और अनोखी पहचान मिलने जा रही है। शहर की यातायात व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाला यह सागरी किनारा मार्ग अब देश के पहले ‘मेलडी रोड’ के रूप में जाना जाएगा। इस सड़क से गुजरते समय वाहन चालकों और यात्रियों को सफ़र के साथ संगीत का अनुभव भी मिलेगा। अत्याधुनिक हंगेरियन तकनीक की मदद से यहां ऑस्कर विजेता फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के विश्वविख्यात गीत ‘जय हो’ की धुन सुनाई देगी।
इस अभिनव कल्पना के सूत्रधार पूर्व सांसद राहुल शेवाले हैं, जिनके निरंतर प्रयासों से मुंबई महानगरपालिका ने इस परियोजना को साकार रूप दिया है। देश के पहले मेलडी रोड का लोकार्पण बुधवार दोपहर 12.30 बजे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के कर-कमलों से किया जाएगा। यह संगीतात्मक अनुभव दक्षिण मुंबई से उत्तर की ओर जाते हुए कोस्टल रोड पर मरीन ड्राइव टनल से बाहर निकलते ही अमरसन्स गार्डन से ब्रिच कैंडी के बीच, पहली लेन में लगभग 700 मीटर के हिस्से में मिलेगा।
इस मार्ग पर विशेष प्रकार की संगीतमय रिब्स (पट्टियां) लगाई गई हैं। इन पट्टियों के बीच तय दूरी और वाहन के पहियों के घर्षण से स्वर उत्पन्न होते हैं, जो सीधे वाहन के भीतर बैठे यात्रियों तक पहुंचते हैं। मेलडी रोड का पूरा आनंद लेने के लिए वाहन को लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से इसी निर्धारित लेन से गुजरना आवश्यक होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कृति और संगीत का यह सुंदर संगम न केवल मुंबई की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि देशभर में आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र भी बनेगा। कोस्टल रोड अब सिर्फ़ एक यातायात मार्ग नहीं रहेगा, वह अनुभव बन जाएगा जहां हर सफर में संगीत की मिठास घुली होगी।
