■ मुनाफ़ा 4.5 गुना बढ़कर ₹25,425 करोड़

■ मुंबई
देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IndianOil) ने वित्त वर्ष 2025–26 के पहले नौ महीनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने इस अवधि में अब तक का सर्वाधिक रिफाइनरी थ्रूपुट, बिक्री और मुनाफ़ा हासिल किया है।
कंपनी की रिफाइनरियों ने नौ माह में 55.719 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया, जो पिछले वर्ष के 53.016 MMT की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान रिफाइनरियों ने 105 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ काम किया। इंडियन ऑयल की क्रॉस-कंट्री पाइपलाइनों से 77.900 MMT तेल का परिवहन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। कुल बिक्री मात्रा 77.774 MMT रही, जिसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
घरेलू पेट्रोलियम बिक्री में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो उद्योग की 4.1 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। एचएसडी (डीज़ल) की संस्थागत बिक्री में 27.9 प्रतिशत की तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि उद्योग स्तर पर यह वृद्धि 9.7 प्रतिशत रही। पेट्रोकेमिकल, गैस और निर्यात बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
रिफाइनिंग मार्जिन में भी बड़ी छलांग देखने को मिली। नौ माह में कंपनी का नॉर्मलाइज़्ड ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) 9.86 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो पिछले वर्ष 4.22 डॉलर प्रति बैरल था।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की परिचालन आय ₹6,53,369 करोड़ रही और शुद्ध लाभ बढ़कर ₹25,425 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष के ₹5,697 करोड़ से लगभग 4.5 गुना अधिक है। कंपनी के अनुसार यह वृद्धि बेहतर रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन, उच्च थ्रूपुट तथा मजबूत बिक्री के कारण संभव हुई है।
