
● विनीत त्रिपाठी@वाराणसी
नेताजी सुभाषचंद्र बोस की परपोती राजश्री चौधरी इन दिनों सनातन यात्रा पर हैं। मदुरई से मथुरा तक विभिन्न प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन करती हुईं वे काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार पहुंचीं। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और विश्व के कल्याण की कामना की।
राजश्री चौधरी द्वारा की जा रही यात्रा का मुख्य उद्देश्य सत्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करना और सभी सनातनी हिंदुओं को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में जोड़ना बताया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रति आस्था और जागरूकता का संदेश है।
काशी प्रवास के दौरान बाबा कालभैरव मंदिर में उनके आगमन पर श्रद्धालुओं और स्थानीय धर्मप्रेमियों ने उनका स्वागत किया। पंडित अवशेष पांडे (कल्लू महाराज) के सान्निध्य में उनका अभिनंदन हुआ। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने पूजन संपन्न किया।
राजश्री चौधरी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही उसकी वास्तविक पहचान है और सनातन परंपरा का संरक्षण व संवर्धन समय की आवश्यकता है। उनकी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
