
● नई दिल्ली
खाड़ी क्षेत्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर उठ रही चिंताओं के बीच भारत फिलहाल सुरक्षित और संतुलित स्थिति में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार देश के पास कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा भारतीय रिफाइनरियों में भी कच्चे तेल का अच्छा स्टॉक उपलब्ध है। सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सूत्रों का कहना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र से तेल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा आती है तो भारत वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने के लिए तैयार है। सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर कोई असर न पड़े।
इस बीच भारतीय रिफाइनरियां फिलहाल वही रूसी कच्चा तेल खरीद रही हैं जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वर्ष 2022 के बाद से भारत के तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे पहले रूस से आयात नगण्य था।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी केवल 0.2 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर काफी महत्वपूर्ण हो गई है। इस वर्ष फरवरी में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रूस से आया। फरवरी के दौरान भारत ने रूस से प्रतिदिन करीब 10.4 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि विविध स्रोतों से तेल आयात की नीति के कारण भारत संभावित वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भी अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थिति में बना हुआ है।
