
● मुंबई
शब्दों के शिखर साधक और आधुनिक हिंदी कविता के विरल हस्ताक्षर नरेश सक्सेना को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘हस्तीमल हस्ती स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। ‘युगीन काव्या परिवार’ और ‘स्वर संगम फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित यह भव्य समारोह मीरा रोड स्थित विरंगुला केंद्र में संपन्न हुआ, जहां साहित्य जगत की नामचीन हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का विधिवत आगाज डॉ. हूबनाथ पांडेय के संस्था परिचय और स्वागत भाषण से हुआ। इसके पश्चात, समारोह के अध्यक्ष विश्वनाथ सचदेव के कर-कमलों द्वारा नरेश सक्सेना को शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और नकद धनराशि भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पत्रिका ‘युगीन काव्या’ के नरेश सक्सेना पर केंद्रित विशेषांक का लोकार्पण भी किया गया। मंच पर नरेश सक्सेना के साथ विश्वनाथ सचदेव, विजय कुमार, हृदयेश मयंक, विनोद दास, डॉ. हूबनाथ पांडेय, रमन मिश्र और प्रमोद बंब सुशोभित थे। पूरे कार्यक्रम को रमन मिश्र ने अपने कसे हुए और गरिमामय संचालन से एक सूत्र में पिरोए रखा।
इस साहित्यिक जुटान में धीरेंद्र अस्थाना, एस. आर. हरनोट, अनूप सेठी, शैलेश सिंह, राकेश शर्मा, मुख्तार ख़ान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, श्रीकांत आप्टे, प्रशांत जैन, मधु शुक्ला, कुसुम तिवारी, आर.एस. विकल, जुल्मी राम सिंह यादव, अवधेश राय, ललिता अस्थाना, विनीता, और किरण मिश्र जैसे अनेक गणमान्य लेखक और साहित्य-प्रेमी अंत तक उपस्थित रहे। श्रीकांत आप्टे द्वारा नरेश सक्सेना की कविता पर बनाया गया पोस्टर सब के लिए आकर्षण का केंद्र था।
