■ पर्यटन को मिली नई रफ्तार

● मुंबई
पिछले तीन महीनों में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच नववर्ष, पर्व-त्योहारों और विशेष आयोजनों के कारण मंदिरों और तीर्थस्थलों पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ा, जिसने धार्मिक पर्यटन को नई गति दी है।
नए साल 2026 के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर, राम मंदिर अयोध्या और बांके बिहारी मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचे। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 1 जनवरी को ही इन प्रमुख स्थलों पर 8 से 10 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।
मार्च में चैत्र नवरात्रि के दौरान भीड़ और बढ़ गई। विंध्याचल धाम में एक ही दिन में 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जबकि पूरे नवरात्रि अवधि में यह संख्या 30 लाख से अधिक तक पहुंचेगी। प्रयागराज और अन्य शक्तिपीठों में भी प्रतिदिन लाखों भक्तों की आवाजाही दर्ज की गई।
इसी अवधि में नए उभरते धार्मिक केंद्रों पर भी आकर्षण बढ़ा है। बिहार में स्थापित सहस्रलिंगम शिवलिंग स्थल पर प्रतिदिन 10 से 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है जो इसे तेजी से लोकप्रिय बनाता है।
धार्मिक आयोजनों के व्यापक प्रभाव को समझने के लिए हाल का उदाहरण महाकुंभ 2025 है, जिसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी दर्ज की गई थी। इस तरह के आयोजनों ने देश में धार्मिक पर्यटन के प्रति विश्वास और आकर्षण को मजबूत किया है।
जानकार बताते हैं कि बेहतर परिवहन, डिजिटल सुविधाएं, सुरक्षा प्रबंधन और सरकारी पहल के कारण श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
