
● मुंबई
मुंबई में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव ने यातायात व्यवस्था को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इसी समस्या के समाधान के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अब बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में गोरेगांव फिल्म सिटी से मागाठाणे के बीच करीब 5.5 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जो शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
यह प्रस्तावित कॉरिडोर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के समानांतर चलेगा और एक महत्वपूर्ण कनेक्टर के रूप में कार्य करेगा। इससे न केवल गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) को मजबूती मिलेगी, बल्कि भविष्य की मुंबई कोस्टल रोड (वर्सोवा-भाईंदर) परियोजना से भी सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद गोरेगांव से मागाठाणे तक का सफर, जो अभी लगभग एक घंटे में तय होता है, घटकर 10 मिनट से भी कम रह जाएगा।
यह कॉरिडोर व्यापक मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। गोरेगांव से ऐरोली तक प्रस्तावित 12.2 किलोमीटर लंबी जीएमएलआर परियोजना और आगे नवी मुंबई एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी इसे और अधिक प्रभावी बनाएगी। इसके साथ ही, ऐरोली-घनसोली फ्लाईओवर जैसे प्रस्ताव भी इस नेटवर्क को विस्तार देंगे।
शहरी योजनाकारों के अनुसार, इस परियोजना का मूल उद्देश्य मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित करना है। मौजूदा समय में दोनों एक्सप्रेस हाईवे पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है, और वैकल्पिक मार्गों के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। ऐसे में यह हाई-स्पीड कॉरिडोर मुंबई की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
