■ पेट्रोलियम मंत्रालय का दावा

● नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कर ली गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति में आई बाधाओं के बावजूद एलएनजी और एलपीजी की स्थिति भी संतुलित बनी हुई है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता, कहीं-कहीं उससे अधिक स्तर पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आपूर्ति तंत्र को मजबूती मिली है।
उन्होंने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व के हालात का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी उछाल आया है। इसके बावजूद भारत ने बहु-स्तरीय रणनीति के जरिए स्थिति को नियंत्रित रखा है।
सरकार ने प्राथमिकता तय करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को पहले स्थान पर रखा। इसी के चलते वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को अस्थायी रूप से सीमित किया गया था, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से करीब 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है।
भारत की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है और एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। ऐसे में सरकार की त्वरित रणनीति और संतुलित प्रबंधन ने संभावित संकट को प्रभावी ढंग से संभालने में अहम भूमिका निभाई है।
