
● नई दिल्ली
ईरान युद्ध से उत्पन्न संभावित तेल और गैस संकट को देखते हुए देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरकार अब भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए घरेलू ईंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में एलपीजी (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) पर निर्भरता कम कर पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें तीन महीने के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। तय समयसीमा में ऐसा न करने पर संबंधित उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
इस नीति के तहत सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) ने बरेली शहर के 51 हजार से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए संदेश भेजे हैं। इन उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि के भीतर निर्णय लेना होगा, अन्यथा उन्हें सिलिंडर नहीं मिलेगा।
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर भी एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का विकल्प उपलब्ध कराया है। इस संबंध में पहला आदेश 14 मार्च को जारी किया गया था, जिसमें दोहरे कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी त्यागना अनिवार्य कर दिया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में यह बदलाव न केवल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक कदम है, बल्कि भविष्य के संकटों से निपटने की रणनीति का भी अहम हिस्सा माना जा रहा है।
