
तेहरान, एजेंसी
तेहरान से आई राहत भरी खबर ने वैश्विक बाजारों में हलचल को थामने के संकेत दिए हैं। ईरान ने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवश्यक वस्तुओं और मानवीय सहायता से जुड़े जहाजों की आवाजाही को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत कार्गो शिप, ऑयल और गैस टैंकरों को ईरानी जलक्षेत्र से सुरक्षित गुजरने और अपने गंतव्य तक पहुंचने की अनुमति मिल गई है।
ईरानी सेना द्वारा जारी विशेष प्रोटोकॉल में स्पष्ट किया गया है कि जरूरी सामानों से लदे जहाज बिना किसी बाधा के आवागमन कर सकेंगे। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में फैली अनिश्चितता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को इस छूट से बाहर रखा है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव की परछाईं अभी भी बनी हुई है।
घटनाक्रम के बीच बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक अप्रैल को दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि होर्मुज का भविष्य केवल ईरान और ओमान तय करेंगे। इसके बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया, जब उन्होंने कहा कि अमेरिका का कोई माल इस मार्ग से नहीं आता और अन्य देशों को अपने स्तर पर ईरान से संवाद करना चाहिए। इसके बाद कई देशों ने कूटनीतिक पहल तेज की, जिसमें भारत भी वर्चुअल बैठक के जरिए शामिल रहा।
अंततः शनिवार को ईरान के इस फैसले ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की राह आसान कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को बड़ी राहत मिली है।
