
● लखनऊ
उत्तर प्रदेश में शनिवार शाम मौसम ने ऐसा करवट लिया कि कई जिलों में जनजीवन थम गया। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली समेत कई क्षेत्रों में शाम करीब पांच बजे अचानक तेज आंधी-तूफान ने दस्तक दी, जिसके बाद मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। चंद मिनटों में सड़कों पर पानी भर गया और वाहनों की रफ्तार रुक गई। अप्रैल के महीने में इस तरह का उग्र मौसम लोगों के लिए हैरान करने वाला रहा।
कानपुर में हालात सबसे अधिक बिगड़े नजर आए। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते दिन में अंधेरा छा गया। तेज हवाओं ने तूफान का रूप ले लिया, जिससे कई घरों के खिड़की-दरवाजे तक उखड़ गए और शीशे टूट गए। सड़कों पर चल रहे वाहनों को भी बीच रास्ते रुकना पड़ा, क्योंकि तेज हवाओं में आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया था।
कुछ ही देर में तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। ओलों की आवाज ने पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्री-मानसून गतिविधि का असर है, जिसमें तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि सामान्य मानी जाती है। कानपुर में करीब 3.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि हवाओं की रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।
उधर, जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में इस बदले मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी। तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना और सरसों की फसलें खेतों में बिछ गईं। कटाई के दौर में आई इस आपदा ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मौसम विभाग ने 6 अप्रैल तक ऐसे ही हालात बने रहने की चेतावनी दी है।
