
● नई दिल्ली
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार अब तेजी से परिपक्व होता नजर आ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ईवी रिटेल बिक्री में 24.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल बिक्री 24.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई। यह आंकड़े फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी किए गए हैं, जो देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती स्वीकार्यता का स्पष्ट संकेत देते हैं।
इस वृद्धि की विशेषता यह रही कि दोपहिया, तिपहिया, यात्री और वाणिज्यिक—सभी श्रेणियों में दोहरे अंकों की बढ़त देखने को मिली। खास तौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने बाजार में सबसे बड़ा योगदान दिया, जिनकी बिक्री 14 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक कारों की मांग में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज हुई।
पैसेंजर ईवी सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1,99,923 यूनिट की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष के 1,08,873 यूनिट की तुलना में 83.63 प्रतिशत अधिक है। इस श्रेणी में टाटा मोटर्स 78,811 यूनिट के साथ शीर्ष पर रही। इसके बाद जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया 53,089 यूनिट के साथ दूसरे और महिंद्रा 42,721 यूनिट के साथ तीसरे स्थान पर रही।
फाडा के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर के अनुसार, यह वर्ष भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, जिसने भविष्य की दिशा को और स्पष्ट कर दिया है।
