
● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लेते हुए विकास की दिशा में तेज़ और दूरगामी कदम उठाए हैं। इन फैसलों में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन को केंद्र में रखते हुए राज्य को ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
सबसे प्रमुख निर्णय के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए अलग विभाग स्थापित किया जाएगा। आईटी संचालनालय को उन्नत कर आयुक्तालय का स्वरूप दिया जाएगा और एक नया आईटी कैडर तैयार किया जाएगा, जिससे डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
तकनीकी क्षेत्र में ही एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को कंपनी में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ‘महाजिओटेक’ नामक नई कंपनी की स्थापना होगी, जो भू-स्थानिक तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देगी।
ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) की वित्तीय पुनर्रचना का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 32,679 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए सरकारी बॉन्ड जारी किए जाएंगे। कृषि विद्युत वितरण को अलग करने और कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की दिशा में भी पहल शुरू की गई है।
वहीं, आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए ‘महाराष्ट्र रेस्पॉन्सिव डेवलपमेंट प्रोग्राम’ को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत विश्व बैंक से 165 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों कोल्हापुर, सांगली और इचलकरंजी में राहत, पुनर्वास और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन फैसलों से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र सरकार तकनीकी नवाचार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक सुधारों के सहारे राज्य को तेज़, समावेशी और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
