■ लालबागचा राजा गणेश मंडल की ओर से आग्रह

● मुंबई
प्रसिद्ध लालबाग राजा गणेश मंडल ने महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग से उस शिकायत को खारिज करने का आग्रह किया है, जो मंडल पर गणेश उत्सव के दौरान सामान्य भक्तों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप में दर्ज की गई थी।
शिकायत दो शहर-आधारित वकीलों ने 2025 में दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि वीआईपी भक्तों को विशेष प्राथमिकता दी गई और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया कि दर्शन की लंबी कतारों में मोबाइल फोन और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की चोरी जैसी घटनाएं हुईं।
मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि शिकायत अगस्त 2025 में दर्ज की गई, जबकि इसमें 2023 और 2024 की घटनाओं का हवाला दिया गया है। इसलिए यह संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत कानूनी रूप से बाधित है। उन्होंने यह भी कहा कि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था मुंबई पुलिस और बीएमसी द्वारा निर्धारित की जाती है, जिससे सभी भक्तों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होती है। मंडल ने कहा कि किसी भी भक्त ने दुर्व्यवहार की पुष्टि नहीं की और आरोप अस्पष्ट हैं।
पुलिस ने बताया कि लालबाग क्षेत्र का गणेश मंडल का पंडाल 10-दिन के उत्सव के दौरान दुनिया के सबसे घने आबादी वाले धार्मिक स्थलों में से एक बन जाता है। 2025 में केवल मंडल में 15 से 20 लाख भक्तों ने दर्शन किए। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य भक्तों के साथ दुर्व्यवहार या हमले की घटनाएं हुईं, तो 9 गैर-आपराधिक मामले दर्ज किए गए और उचित कानूनी कार्रवाई की गई।
मानवाधिकार आयोग में इस मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई, 2026 को होगी।
इस विवाद से यह स्पष्ट होता है कि मुंबई के बड़े सार्वजनिक उत्सवों में सुरक्षा और व्यवस्थित प्रबंधन को लेकर सतर्कता आवश्यक है, और मंडल ने शिकायत को कानूनी रूप से अमान्य बताते हुए इसका खंडन किया है।
