- छोटे शहर की बेटी, आज बनी है लाखों चेहरों की मुस्कान। हाल ही में अभिनेत्री मंजू शर्मा को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किया गया, जो उनके अभिनय और संघर्ष की बड़ी उपलब्धि है। कभी डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली मंजू आज अभिनय की दुनिया में एक चमकता हुआ नाम हैं। जीवन के उतार-चढ़ावों ने उन्हें रोका नहीं बल्कि एक नई दिशा दी और उसी दिशा ने उन्हें मंच से लेकर टीवी तक पहुंचा दिया। उनकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो सपनों के टूटने के बाद भी खड़ा रहना जानता है।
उनसे बातचीत की रीमा राय सिंह ने-

■ अपने शुरुआती जीवन और सपनों के बारे में बताइए?
● मेरा सपना बदला लेकिन मेरा हौसला नहीं। बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। मैंने साइंस से पढ़ाई की और मेडिकल की तैयारी भी की, लेकिन कई प्रयासों के बाद सफलता नहीं मिली। उस समय लगा कि सब खत्म हो गया लेकिन शायद वही मेरी नई शुरुआत थी।
■ अभिनय की ओर कैसे मुड़ीं?
● दरअसल असफलता मेरी ताकत बनी। जब एक रास्ता बंद हुआ, तब मैंने खुद को समझा। थिएटर से जुड़ने का मौका मिला और वहीं मुझे अपनी असली पहचान मिली। मंच ने मुझे आत्मविश्वास दिया।
■ आपके प्रशिक्षण का अनुभव कैसा रहा?
● मैंने भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ से प्रशिक्षण लिया। वहां चयन होना ही बड़ी उपलब्धि थी। थिएटर ने मुझे गढ़ा, कड़ी मेहनत, अनुशासन और सीखने की ललक ने मुझे आगे बढ़ाया।
■ कॉमेडी की ओर झुकाव क्यों?
● लोगों की हंसी ही मेरी जीत है। लोगों को हंसाना सबसे सच्ची खुशी देता है। जब दर्शक हंसते हैं, तो लगता है कि मेरी मेहनत सफल हो गई। आज कॉमेडी मेरी पहचान बन चुकी है।
■ हाल ही में मिले सम्मान पर क्या कहेंगी?
● उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी से सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है। सम्मान एक जिम्मेदारी है। यह मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा देता है।
■ युवाओं के नाम क्या संदेश देना चाहेंगी?
● कभी हार मत मानिए। असफलता आपको गिराने नहीं, सिखाने आती है। खुद पर विश्वास रखें, रास्ते अपने आप बनते जाएंगे।
