
● मुंबई
वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर मुंबई मेट्रो लाइन 1 मार्ग पर बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए मेट्रो ट्रेनों में डिब्बे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन छह डिब्बों वाली मेट्रो चलाने के प्रस्ताव को पिछले छह महीनों से सरकारी मंजूरी नहीं मिली है। इससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल मेट्रो-1 मार्ग पर चार डिब्बों वाली ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन लगभग 5 लाख यात्री इस मार्ग पर सफर करते हैं। सुबह 8 से 10 बजे और शाम 6 से 8 बजे के बीच ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ होती है। इस दौरान मेट्रो ट्रेनें पूरी तरह भर जाती हैं और हालात लोकल ट्रेनों जैसे हो जाते हैं। पिछले 11 वर्षों में इस मार्ग पर 111 करोड़ से अधिक यात्रियों ने यात्रा की है। मुंबई की पहली मेट्रो लाइन होने के साथ ही यह सबसे अधिक लोकप्रिय और व्यस्त मेट्रो सेवा मानी जाती है।
कुछ महीने पहले मेट्रो-1 मार्ग पर एक ट्रेन तकनीकी कारणों से अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी थी, जिसके चलते उसे सेवा से हटाना पड़ा। इससे मेट्रो का समय-निर्धारण बिगड़ गया और घाटकोपर स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब मेट्रो की क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है।
मेट्रो संचालन कंपनी एमएमओपीएल ने अक्टूबर में ही चार डिब्बों वाली ट्रेनों को छह डिब्बों में बदलने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
फिलहाल प्रत्येक मेट्रो ट्रेन में लगभग 1,800 यात्री सफर करते हैं। यदि दो अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाते हैं, तो क्षमता करीब 900 यात्रियों तक बढ़ जाएगी। खास बात यह है कि मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पहले से ही छह डिब्बों वाली ट्रेनों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, इसलिए किसी नए निर्माण की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
