- 50 इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां अमेरिका रवाना

- मुंबई
पर्यावरण-अनुकूल गणपति की प्रतिमा पिछले कई सालों से सात समंदर पार बसे गणेश भक्तों के घरों और सार्वजनिक मंडलों में विराजमान हो रही है। इस वर्ष भी श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली प्रथमेश इको-फ्रेंडली आर्ट द्वारा निर्मित 50 इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं अमेरिका के टेक्सास सहित विभिन्न शहरों के लिए न्हावा-शेवा बंदरगाह से रवाना की गई हैं। खास बात यह है कि इस खेप में लगभग साढ़े छह फीट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा भी शामिल है।
कुर्ला स्थित प्रथमेश इको-फ्रेंडली आर्ट में तैयार की जाने वाली ये प्रतिमाएं कागज के गूदे से बनाई जाती हैं। प्रतिमा निर्माण में लगभग 60 प्रतिशत कागज, 30 प्रतिशत गोंद तथा 10 प्रतिशत गुजरात से लाई गई विशेष व्हाइटिंग मिट्टी का उपयोग किया जाता है। इस मिश्रण से बनी प्रतिमाएं हल्की, आकर्षक और पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल होती हैं। विसर्जन के बाद ये आसानी से घुल जाती हैं और पर्यावरण को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचातीं।
प्रथमेश इको फ्रेंडली आर्ट के संदीप गजाकोश का कहना है ‘गणपति बप्पा श्रद्धा का प्रतीक तो हैं ही, अब वे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं। दुनिया भर के गणेश भक्त प्रतिमा चुनते समय पर्यावरण-अनुकूलता को प्राथमिकता दे रहे हैं। हम पिछले कई वर्षों से विदेशों में इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं भेज रहे हैं। इस वर्ष भी प्रतिमाएं समय पर और सुरक्षित रूप से गणेश भक्तों तक पहुंचें, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।’
