
- मुंबई
केंद्र सरकार ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डिजिटल इंडिया अभियान और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच को देश के परिवर्तनकारी कदमों में शामिल किया है। सरकार का दावा है कि बीते वर्षों में मोबाइल डेटा की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट आई है, जिससे करोड़ों भारतीयों के लिए इंटरनेट का उपयोग पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ और किफायती हो गया है।
• आज इंटरनेट देश के सामाजिक और आर्थिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी सेवाएं, मनोरंजन, ऑनलाइन खरीदारी और कार्यालयी कार्यों से लेकर लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 में 1 जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत लगभग 269 रुपए थी, जो अब घटकर करीब 8 रुपए प्रति जीबी रह गई है। इस प्रकार डेटा दरों में लगभग 97 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
सरकार का कहना है कि सस्ते इंटरनेट ने डिजिटल सेवाओं के विस्तार को नई गति दी है और देश के दूरदराज क्षेत्रों तक ऑनलाइन सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे डिजिटल समावेशन को बल मिला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा कीमतों में भारी कमी के पीछे दूरसंचार क्षेत्र में बढ़ी प्रतिस्पर्धा एक प्रमुख कारण रही है। टेलीकॉम कंपनियों के बीच बेहतर सेवाएं और आकर्षक योजनाएं पेश करने की होड़ ने उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया। इसके परिणामस्वरूप इंटरनेट आम लोगों की पहुंच में आया और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
सस्ते इंटरनेट का लाभ छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स को भी व्यापक रूप से मिला है। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से अब छोटे व्यवसाय भी देशभर के ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। इससे उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला है और नए रोजगार अवसरों के द्वार खुले हैं।

• मोबाइल डेटा की कीमतों में आई कमी का सबसे अधिक लाभ छात्रों और युवाओं को मिला है। इंटरनेट सुलभ होने से ऑनलाइन शिक्षा को नई गति मिली है। अब विद्यार्थी आसानी से ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो लेक्चर और अध्ययन सामग्री तक पहुंच बना पा रहे हैं। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान, जब स्कूल और कॉलेज बंद थे, तब सस्ते इंटरनेट ने शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाखों छात्रों ने मोबाइल डेटा के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सीखने के नए अवसर प्राप्त किए।
सस्ते इंटरनेट का सकारात्मक प्रभाव व्यापार जगत पर भी दिखाई दिया है। छोटे कारोबारी और स्टार्टअप अब डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटिंग की मदद से स्थानीय व्यवसाय भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इससे न केवल कारोबार का विस्तार हुआ है, बल्कि नए उद्यमों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिला है।
