▪️ वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में भारत का बड़ा कदम

▪️ नई दिल्ली
देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब भारत में 100 प्रतिशत एथेनॉल को वाहन ईंधन के रूप में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि इस संबंध में आवश्यक नियमों की फाइल पर उनके हस्ताक्षर हो चुके हैं और इसे आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है। वर्तमान में देश के अनेक क्षेत्रों में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध है। नए निर्णय के बाद ऐसे वाहनों का उपयोग बढ़ेगा जो पूरी तरह 100 प्रतिशत एथेनॉल पर संचालित हो सकेंगे।
सरकार की नई नीति के तहत केवल 100 प्रतिशत एथेनॉल ही नहीं, बल्कि 85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण, 100 प्रतिशत बायोडीजल तथा हाइड्रोजन-सीएनजी मिश्रित ईंधन को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी।
नितिन गडकरी लंबे समय से एथेनॉल आधारित ईंधन के पक्षधर रहे हैं। उनका कहना है कि एक समय 100 प्रतिशत एथेनॉल से वाहनों के संचालन की अवधारणा को अव्यावहारिक माना जाता था, लेकिन घरेलू उत्पादन क्षमता में वृद्धि, तकनीकी विकास और अनुकूल सरकारी नीतियों ने इसे संभव बना दिया है।
इस निर्णय से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। हाल ही में हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के ऐसे मॉडल पेश किए हैं जो 85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण पर चल सकते हैं। गडकरी के अनुसार अगले डेढ़ महीने में कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां एथेनॉल आधारित नए वाहन बाजार में उतार सकती हैं। इनमें Toyota, Suzuki, Hyundai और MG Motor जैसी कंपनियां शामिल हैं।
