• पोलिश फिल्म ‘सिल्वर’ को 19वें एमआईएफएफ में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पुरस्कार
▪️ सतींदर मोहन @फिल्म समीक्षक

19वां मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) 15 जून से 21 जून 2026 तक प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। समापन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने महोत्सव का सर्वोच्च सम्मान ‘गोल्डन कॉन्च’ तथा 10 लाख रुपए की नकद राशि पोलैंड की फिल्म ‘सिल्वर’ को प्रदान की।
19वें एमआईएफएफ में कई नई पहलें देखने को मिलीं। महोत्सव का आयोजन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार (आईएएस), संयुक्त सचिव डॉ. अजय नागभूषण एन. एम. (आईएएस), एनएफडीसी के अध्यक्ष जी. कृष्णकुमार, एमआईएफएफ के निदेशक एवं एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम तथा एनएफडीसी के महाप्रबंधक गौतम भनोट के मार्गदर्शन में किया गया।
इस वर्ष पहली बार स्क्रीनिंग के लिए कई नए स्थलों को जोड़ा गया। इनमें एनएफडीसी परिसर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, रवींद्र नाट्य मंदिर, विले पार्ले स्थित एसवीकेएम का उषा प्रवीण गांधी कॉलेज तथा बांद्रा स्थित सेंट पॉल्स कॉलेज शामिल थे।
महोत्सव में पहली बार मराठी फिल्मों का विशेष पैकेज प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर भारत की फिल्मों को ‘इकोज़ फ्रॉम द नॉर्थईस्ट’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदर्शित किया गया।
‘ओपन फोरम’ का आयोजन भी पहली बार एनएफडीसी परिसर के खुले प्रांगण के बजाय जेबी हॉल में किया गया। इस परिवर्तन का प्रतिभागियों ने स्वागत किया। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आयोजित पांच ओपन फोरम सत्रों का संचालन इंडियन डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईडीपीए) के अध्यक्ष संस्कार देसाई ने किया, जिनमें प्रख्यात फिल्मकारों और वरिष्ठ इतिहासकारों ने भाग लिया।
एक अन्य नई पहल के रूप में एनएमआईसी भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर आकर्षक रेड कार्पेट बिछाया गया, जिससे महोत्सव का दृश्य आकर्षण बढ़ा और प्रतिभागियों के लिए अधिक उत्सवपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ।
एमआईएफएफ के दौरान एनएफडीसी द्वारा दस मास्टरक्लास आयोजित की गईं, जिनमें प्रसिद्ध फिल्मकारों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्रों और युवा फिल्मकारों के लिए ये सत्र विशेष रूप से लाभदायक रहे।
इस वर्ष एआई सिनेमा ‘हैकाथॉन’ और ‘फेस्टिवल’ भी प्रमुख आकर्षण रहे। साथ ही, 2024 और 2025 के भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के दौरान ‘क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो’ कार्यक्रम के अंतर्गत निर्मित नौ फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। यह युवा रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
19वें एमआईएफएफ ने वैश्विक सिनेमा की दो महान विभूतियों डेविड एटनबरो की जन्मशती तथा वी. शांताराम की 125वीं जयंती का उत्सव मनाकर सिनेमा के अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
कुल मिलाकर, 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने नए स्थलों, विशेष फिल्म पैकेजों, मास्टरक्लासों और विभिन्न नवाचारों के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। यह महोत्सव केवल फिल्मों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिनेमा से जुड़े विचारों, प्रतिभाओं और संवादों के लिए एक सशक्त एवं व्यापक मंच बनकर उभरा।
