▪️ नियमित दायित्वों से औपचारिक रूप से मुक्त करने की मांग; घर-घर सत्यापन अभियान की रफ्तार हुई धीमी

- मुंबई
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत मुंबई में पहले ही दिन बाधाओं के साथ हुई। शहर भर में 300 से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे घर-घर जाकर किए जाने वाले सत्यापन अभियान की रफ्तार धीमी पड़ गई।
अधिकारियों के अनुसार, अनुपस्थित रहने वाले कई बीएलओ जो मुख्यतः स्कूल शिक्षक और बीएमसी कर्मचारी हैं उनकी मांग की है कि चुनावी कार्य सौंपने से पहले उन्हें उनके नियमित दायित्वों से औपचारिक रूप से मुक्त किया जाए। इस मांग को लेकर उन्होंने पहले दिन कार्य से दूरी बनाए रखी।
मुंबई में लगभग 10,000 बीएलओ तैनात हैं, जिनमें करीब 7,000 बीएमसी कर्मचारी और 3,000 सरकारी व अनुदानित स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। प्रत्येक बीएलओ को 900 से 1,000 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है।
पहले ही दिन बड़ी संख्या में बीएलओ के अनुपस्थित रहने से प्रक्रिया प्रभावित हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को जल्द ही नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
