
▪️ मुंबई
तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद अच्छी नौकरी का सपना देखने वाले हजारों युवाओं की हकीकत इन दिनों काफी कठिन होती जा रही है। इसका एक मार्मिक उदाहरण हाल ही में सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।
एक एक्स (X) उपयोगकर्ता ने अपनी रैपिडो यात्रा के दौरान मिले एक युवक की कहानी साझा की। बातचीत में पता चला कि वह इसी वर्ष कंप्यूटर साइंस में प्रथम श्रेणी से स्नातक हुआ है। पढ़ाई पूरी होने के बाद उसने लगातार दो महीनों में 500 से अधिक कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन किए, लेकिन एक भी कंपनी ने उसे साक्षात्कार या नौकरी के लिए नहीं बुलाया।
आर्थिक बचत समाप्त होने के बाद युवक ने हार मानने के बजाय रैपिडो बाइक चलाकर अपनी आजीविका कमाने का निर्णय लिया। वह रोज़ सुबह छह बजे से यात्रियों को सेवा देता है और साथ ही नई नौकरियों की तलाश भी जारी रखे हुए है। सबसे भावुक बात यह है कि उसके माता-पिता अब भी यही समझते हैं कि उनका बेटा घर पर बैठकर नौकरी की तैयारी कर रहा है। युवक उन्हें अपनी वास्तविक स्थिति बताने का साहस नहीं जुटा पा रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई इस कहानी ने देश में नए स्नातकों के सामने खड़ी रोजगार की चुनौती पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अनेक लोगों ने कहा कि आज केवल अच्छी डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं रह गया है। युवाओं को लंबा इंतजार, कड़ी प्रतिस्पर्धा और बदलते रोजगार बाजार का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह कहानी उन हजारों युवाओं की वास्तविक कठिनाइयों को सामने लाती है, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद रोजगार के अवसरों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
