▪️रिपोर्ट ने खोली ग्रीन स्पेस की पोल

- मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हरियाली को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। अर्बन डिजाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट और एनजीओ ‘एलायंस फॉर गवर्नेंस एंड रिन्यूअल’ की संयुक्त रिपोर्ट ‘पब्लिक ओपन स्पेस मैपिंग एंड मुंबई’ के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में शहर में पर्याप्त हरित क्षेत्र दिखाए जाते हैं, लेकिन आम नागरिकों के लिए वास्तव में उपलब्ध खुले पार्क और ग्रीन स्पेस बेहद सीमित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के 24 वार्डों में हरित क्षेत्रों का वितरण बेहद असंतुलित है। दक्षिण मुंबई के कुछ इलाकों में प्रति व्यक्ति करीब 9 वर्गमीटर ग्रीन स्पेस उपलब्ध है, जबकि उपनगरों के घनी आबादी वाले कई क्षेत्रों में यह आंकड़ा 1 वर्गमीटर से भी कम रह जाता है। पूरे शहर में औसतन प्रति व्यक्ति केवल 1.28 वर्गमीटर खुली जगह उपलब्ध है, जबकि विकास योजना-2034 में इसे बढ़ाकर 4 वर्गमीटर प्रति व्यक्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
अध्ययन में यह भी सामने आया है कि कई हरित क्षेत्र केवल सरकारी दस्तावेजों में दर्ज हैं। कुछ पार्क निजी संस्थाओं और क्लबों के नियंत्रण में हैं, जबकि कई स्थानों पर अतिक्रमण या सीमित प्रवेश के कारण आम नागरिक उनका उपयोग नहीं कर पाते। रिपोर्ट में इस स्थिति को सुधारने के लिए सार्वजनिक पार्कों तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने और हरित क्षेत्रों के समान विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है।
