
▪️मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर नई आचार संहिता लागू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1979 के तहत विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों पर भी समान रूप से लागू होगी।
नई गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकार, उसकी नीतियों या निर्णयों की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आलोचना नहीं कर सकेगा। निजी सोशल मीडिया खातों पर सरकारी पदनाम, कार्यालय का प्रतीक चिह्न, वर्दी, सरकारी वाहन अथवा सरकारी भवनों से जुड़े फोटो, वीडियो या रील साझा करने पर भी रोक रहेगी। साथ ही कर्मचारियों को अपने निजी और आधिकारिक सोशल मीडिया खातों को पूरी तरह अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी आदेश, गोपनीय पत्राचार या आधिकारिक दस्तावेज को वरिष्ठ अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर साझा या अग्रेषित नहीं किया जा सकेगा। सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के दौरान व्यक्तिगत छवि निर्माण से बचने और सामूहिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित मोबाइल ऐप और वेबसाइटों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। सरकार का कहना है कि नई आचार संहिता का उद्देश्य प्रशासनिक गोपनीयता बनाए रखना और सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग को अधिक जिम्मेदार और अनुशासित बनाना है।
