▪️ हमलावर को सेकंडों में करेंगे निष्क्रिय

- नई दिल्ली। अमेरिका में स्कूलों में बढ़ती गोलीबारी की घटनाओं के बीच छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए नई तकनीक अपनाई जा रही है। अब कुछ स्कूलों में ‘पेपर स्प्रे ड्रोन’ तैनात किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य किसी भी हमले की स्थिति में पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर को रोकना और नुकसान को कम करना है।
‘कैंपस गार्डियन एंजेल’ नामक इस सुरक्षा प्रणाली के तहत ड्रोन पूरे स्कूल परिसर पर नजर रखेंगे। जैसे ही गोलीबारी या किसी अन्य गंभीर खतरे की सूचना मिलेगी, प्रशिक्षित ऑपरेटर ड्रोन को तुरंत घटनास्थल की ओर भेजेंगे। ये ड्रोन तेज गति से मौके पर पहुंचकर सायरन और फ्लैश लाइट के जरिए हमलावर का ध्यान भटकाएंगे, जबकि पेपर स्प्रे छोड़कर उसकी आंखों में तेज जलन पैदा करेंगे, जिससे वह कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो सकता है। जरूरत पड़ने पर ड्रोन सीधे हमलावर से टकराकर भी उसे रोकने की कोशिश करेंगे।
इन ड्रोन में हाई-डेफिनिशन कैमरे और दो-तरफा संचार प्रणाली भी लगी है। इसकी मदद से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को घटनास्थल की लाइव तस्वीरें मिलती रहेंगी, जिससे बचाव अभियान अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जा सकेगा।
फिलहाल अमेरिका के जॉर्जिया, फ्लोरिडा और कोलोराडो सहित कुछ राज्यों के स्कूलों में इस तकनीक का परीक्षण शुरू किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह प्रणाली आपात स्थिति में प्रतिक्रिया का समय काफी कम कर सकती है और कई लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
हालांकि, इस तकनीक को लेकर बहस भी जारी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी व्यवस्था हमले के दौरान नुकसान कम करने में उपयोगी हो सकती है, लेकिन स्कूलों में हिंसा की समस्या का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा उपकरणों से नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, हथियार नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों पर गंभीर प्रयासों से ही संभव है।
