• आपका स्मार्टफोन छोटी उंगली को बना रहा है कमजोर

▪️ मुंबई
आज के समय में स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। घंटों तक चैटिंग, वीडियो देखना, गेम खेलना और सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आम बात है। लेकिन लगातार एक ही तरीके से फोन पकड़ने की आदत अब हाथों पर भी असर डालने लगी है। हाल के दिनों में ‘स्मार्टफोन पिंकी’ नाम का शब्द तेजी से चर्चा में है, जिसमें लोगों का दावा है कि लंबे समय तक फोन पकड़ने से उनकी छोटी उंगली पर गड्ढा पड़ गया है या वह हल्की टेढ़ी दिखाई देने लगी है।
विशेषज्ञों के अनुसार ‘स्मार्टफोन पिंकी’ कोई आधिकारिक चिकित्सीय बीमारी नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रचलित एक शब्द है। ऐसा तब होता है जब लोग बड़े और भारी स्मार्टफोन का पूरा भार छोटी उंगली पर टिकाकर लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं। इससे उंगली, अंगूठे और कलाई पर लगातार दबाव पड़ता है, जिसके कारण दर्द, अकड़न, सुन्नपन या हल्का निशान महसूस हो सकता है। हालांकि अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि केवल स्मार्टफोन पकड़ने से उंगली स्थायी रूप से टेढ़ी हो जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि असली चिंता उंगली का आकार नहीं, बल्कि लंबे समय तक गलत तरीके से फोन इस्तेमाल करने से होने वाला दोहराव वाला दबाव (Repetitive Strain) है। इससे हाथों की मांसपेशियों, टेंडन और नसों पर असर पड़ सकता है तथा कलाई और अंगूठे में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन को दोनों हाथों से पकड़ें, बीच-बीच में ब्रेक लें, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में स्क्रीन न देखें और जरूरत पड़ने पर फोन स्टैंड या ग्रिप का उपयोग करें। यदि छोटी उंगली में लगातार दर्द, झनझनाहट, सुन्नपन या पकड़ कमजोर होने जैसी शिकायत बनी रहे तो ऑर्थोपेडिक या हैंड स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।
