
▪️मुंबई
भारत में सड़क सुरक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2028 से सभी नए वाहनों में ‘व्हीकल-टू-व्हीकल’ (V2V) कम्युनिकेशन सिस्टम अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए वाहन एक-दूसरे से वायरलेस माध्यम से जानकारी साझा करेंगे, जिससे संभावित दुर्घटनाओं की पहले ही चेतावनी मिल सकेगी।
V2V प्रणाली के माध्यम से वाहन अचानक ब्रेक लगने, ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद वाहन, आगे होने वाली दुर्घटना, सड़क पर जाम या अन्य खतरनाक परिस्थितियों की सूचना आसपास चल रहे वाहनों तक तुरंत पहुंचा सकेंगे। इससे चालक समय रहते सतर्क होकर दुर्घटनाओं से बच सकेंगे।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, 1 अक्टूबर 2028 के बाद निर्मित एल, एम और एन श्रेणी के सभी नए वाहनों में यह तकनीक अनिवार्य होगी। वहीं, जिन वाहनों में पहले से V2V प्रणाली उपलब्ध है, उन्हें 1 अक्टूबर 2027 से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
सरकार का मानना है कि यह तकनीक भारत में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, भविष्य में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और कनेक्टेड मोबिलिटी सिस्टम को भी इससे मजबूती मिलेगी। यह पहल भारत को सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
