▪️ भोलेनाथ के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब

- रविंद्र मिश्रा@मुंबई। श्रावण मास के आगमन के साथ ही मुंबई का प्राचीन बाबुलनाथ मंदिर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा है। श्रावण की शुरुआत होते ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। पहली ही रात से मंदिर के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छा गया।
मंदिर के प्रबंधक मुकेश कनोजिया के अनुसार, लगभग 400 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एक चरवाहे ‘बाबुल’ की गाय ने इस पवित्र शिवलिंग का संकेत दिया था। इसके बाद इस स्थान पर मंदिर की स्थापना हुई और यह ‘बाबुलनाथ मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य स्वीकार करते हैं।

इस वर्ष मंदिर में 30 जुलाई से 11 सितंबर तक श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पूरे उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। श्रृंगार के समय श्रद्धालु केवल दर्शन कर सकेंगे तथा पुष्प अर्पित करने की अनुमति रहेगी।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 11:30 बजे तक बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
