
▪️ नई दिल्ली। देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दोपहिया बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका उद्देश्य दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीज तक सबसे कम समय में प्राथमिक उपचार पहुंचाना और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
प्रस्ताव के अनुसार, बाइक एम्बुलेंस विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों, संकरी गलियों, पहाड़ी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी, जहां सामान्य एम्बुलेंस को पहुंचने में अधिक समय लगता है। प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मी बाइक पर आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण, ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री के साथ मौके पर पहुंचेंगे, जिससे मरीज को शुरुआती उपचार तुरंत मिल सकेगा।
मंत्रालय ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इस पहल का उद्देश्य ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर गंभीर मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ाना है। यह सेवा मौजूदा एम्बुलेंस नेटवर्क की पूरक होगी और विशेष रूप से उन स्थानों पर राहत पहुंचाएगी, जहां चारपहिया एम्बुलेंस की गति बाधित होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाइक एम्बुलेंस सेवा लागू होने से दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर मरीजों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा देश की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।
