
▪️मुंबई
देश के संगठित निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को मौजूदा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है और अंतिम निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी बाकी है।
यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो ₹15,000 से ₹25,000 तक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी अनिवार्य रूप से EPF और EPS के दायरे में लाया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को भविष्य निधि और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
मौजूदा नियम के तहत कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों मूल वेतन का 12 प्रतिशत EPF में योगदान करते हैं। नई वेतन सीमा लागू होने पर कर्मचारियों और कंपनियों दोनों का योगदान बढ़ सकता है। इससे कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा, लेकिन कुछ मामलों में मासिक ‘टेक-होम’ वेतन में हल्की कमी भी आ सकती है।
सरकार का उद्देश्य अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों को अपने पेरोल और अनुपालन प्रणाली में बदलाव के लिए समय दिया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, संशोधित वेतन सीमा 1 अप्रैल 2027 से लागू हो सकती है, हालांकि अंतिम तिथि सरकार की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।
