
▪️टोक्यो
जापान के कोबे शहर के 10 वर्षीय छात्र जो नागाई ने अपनी जिज्ञासा और लगातार किए गए प्रयोगों से ऐसा दावा किया है, जिसने वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उनका अध्ययन संकेत देता है कि तितलियां अपने इल्ली (कैटरपिलर) वाले जीवन की कुछ यादें तितली बनने के बाद भी संजोकर रख सकती हैं। हालांकि इस निष्कर्ष की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि अभी बाकी है।
जो को बचपन से ही एशियन स्वैलोटेल तितलियां पालने का शौक था। उन्होंने देखा कि जिन इल्लियों की उन्होंने देखभाल की थी, तितली बनने के बाद वे उड़ जाने के बजाय बार-बार उनके पास लौट आती थीं। इस असामान्य व्यवहार ने उनके मन में सवाल पैदा किया कि क्या तितलियां अपने इल्ली वाले समय की यादें संभालकर रखती हैं?
इस सवाल का जवाब खोजने के लिए जो ने कई प्रयोग किए। उन्होंने प्रशिक्षित और सामान्य इल्लियों के अलग-अलग समूह बनाए और उनके व्यवहार की तुलना की। प्रयोगों में यह संकेत मिला कि तितलियां रूपांतरण (मेटामॉर्फोसिस) के बाद भी पहले सीखी गई कुछ प्रतिक्रियाएं याद रख सकती हैं। उनके अध्ययन ने कीटों की स्मृति और व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
जो के शोध ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय का भी ध्यान आकर्षित किया। कीट विज्ञान के विशेषज्ञों ने उनके अवलोकन और प्रयोगों की सराहना की है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इन निष्कर्षों को पूरी तरह स्वीकार करने से पहले स्वतंत्र शोध और अतिरिक्त परीक्षण आवश्यक हैं।
