मुंबई। मुंबई की व्यस्त जीवनशैली में लोकसंस्कृति के रंग उस समय जीवंत हो उठे, जब कजरी के सुरों ने महानगरवासियों को गांव की यादों से जोड़ दिया। दहिसर पूर्व स्थित क्रिस्टल प्राइड हॉल, आर्किड प्लाजा में बयार मित्र परिवार के ‘कजरी बयार’ कार्यक्रम में लोकगीत, पारंपरिक श्रृंगार और ग्रामीण संस्कृति का मनमोहक संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने मुंबई में कजरी कार्यक्रमों की शुरुआत से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने तीज के अवसर पर भी इसी तरह के सांस्कृतिक आयोजन किए जाने का सुझाव दिया।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई के कोषाध्यक्ष और भाजपा नेता आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय और सनातन संस्कृति के मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
आयोजन में वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राधेश्याम तिवारी का जन्मदिन भी मनाया गया। लोकगायिका अंजलि पाठक ‘अंजल’ और गायक शशिकांत मिश्रा ने कजरी और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
ऑस्ट्रेलिया के इंडियन एसोसिएशन ऑफ बेंडिगो, समाजसेवी व कांग्रेस के नेता अभय चौबे, वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष उपाध्याय, वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र मिश्रा और युवा व्यवसायी मणिकांत मिश्रा ने विशेष सहयोग किया।
इस कार्यक्रम में भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, आरटीआई एक्टिविस्ट व वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली, भाजपा के जिला अध्यक्ष ज्ञानमूर्ति शर्मा, डॉ आरके चौबे, राकेश उपाध्याय, सतीश मिश्रा, साहित्यकार अनिरुद्ध पांडेय, व्यंग्यकार राजेश विक्रांत, हरिशंकर तिवारी, ब्रह्मदेव सिंह, डॉ किशोर सिंह सहित कई मान्यवर उपस्थित थे।
बयार मित्र परिवार के संयोजक सदस्यों अनिल मिश्र, सूर्यकांत उपाध्याय, उमेंद्र मिश्रा, रमापति उपाध्याय, सतीश दुबे, अरविंद मिश्रा, अरविंद तिवारी, संतोष मिश्रा, उपेंद्र सिंह, नीरज उपाध्याय, प्रदीप मिश्रा, रविंद्र उपाध्याय और हरि मिश्रा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए महावर (आलता) और चूड़ियों की विशेष व्यवस्था की गई थी। लोकसुरों, पारंपरिक परंपराओं और आपसी मेल-मिलाप ने ‘कजरी बयार’ को मुंबई में गांव की संस्कृति से जुड़ने का एक यादगार अवसर बना दिया।