▪️ RBI का बड़ा फैसला, जानिए क्या है वजह
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने छोट मूल्यवर्ग की करेंसी नोटों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब 10 और 20 रुपए जैसी छोटी मूल्यवर्ग की नोटों की छपाई के लिए कागज की जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नोटों को अधिक टिकाऊ बनाना है।

इस दिशा में प्रक्रिया फिलहाल टेंडर, सैंपल और परीक्षण के चरण में है। RBI के स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने इसके लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर में एक भारतीय और दो विदेशी कंपनियों ने बोली लगाई है।
RBI ने नोटों की छपाई के लिए कुछ विशेष शर्तें भी रखी हैं। इनमें पहली महत्वपूर्ण शर्त यह है कि जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, उसे शपथपत्र देकर यह घोषित करना होगा कि भारत में उसका काम चीन या पाकिस्तान से जुड़ी किसी भी गतिविधि से अलग रहेगा।
दूसरी महत्वपूर्ण शर्त प्लास्टिक यानी पॉलिमर से जुड़ी है। नोटों की छपाई में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर में किसी भी प्रकार की पशु वसा नहीं होनी चाहिए। पशु वसा वाले पॉलिमर का इस्तेमाल नोटों की छपाई के लिए नहीं किया जा सकेगा।
टेंडर हासिल करने वाली कंपनी को अपने तैयार किए गए नमूने RBI के पास जमा करने होंगे। इन नोटों का भारत के अलग-अलग मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि अलग-अलग वातावरण में नोट कितने टिकाऊ रहते हैं और बदलते मौसम का उनकी गुणवत्ता पर कोई असर पड़ता है या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया के लिए तीन कंपनियों ने बोली लगाई है। इनमें एक भारतीय और दो विदेशी कंपनियां शामिल हैं।
