
▪️मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन की धरती भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से लेकर वृंदावन के मंदिरों तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। चारों ओर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष गूंजते रहे। कान्हा के जन्म के साक्षी बनने और उनके दिव्य दर्शन पाने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु ब्रज पहुंचे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्मोत्सव का विशेष आयोजन हुआ। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का क्षण आया, मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर नंदलाल का स्वागत किया और मंगल गीतों के बीच भगवान का अभिषेक एवं पूजन किया।
वृंदावन में भी जन्माष्टमी का उल्लास देखते ही बना। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में विशेष श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और दिनभर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। जन्मोत्सव के अवसर पर जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
ब्रज की गलियों से लेकर मंदिरों तक एक ही स्वर सुनाई देता रहा – ‘जय कन्हैया लाल की’। ऐसा लगा मानो द्वापर की वह पावन रात एक बार फिर मथुरा की धरती पर जीवंत हो उठी हो।
