▪️ हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं साहित्य सेवा के लिए साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा ने किया सम्मानित

श्रीनाथद्वारा (राजसमंद), राजस्थान।
ख्यातिलब्ध साहित्यकार, लेखक एवं शिक्षाविद् डॉ. शिवम् तिवारी को हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘हिंदी भाषा भूषण-26’ सम्मान से अलंकृत किया गया।
राजसमंद जिले के श्रीनाथद्वारा में आयोजित तीन दिवसीय ‘हिंदी लाओ, देश बचाओ’ राष्ट्रीय समारोह में वर्ष 1937 में स्थापित प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘साहित्य मंडल’ की ओर से डॉ. शिवम् तिवारी को यह सम्मान प्रदान किया गया। संस्था के प्रधानमंत्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने उन्हें अंगवस्त्र, श्रीफल, भगवान श्रीनाथजी की प्रतिमा, सम्मान राशि एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
डॉ. शिवम् तिवारी ने हिंदी भाषा, साहित्य एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई है। साहित्य के साथ-साथ शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है। अंतू, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के निवासी डॉ. तिवारी अब तक 5 पुस्तकों के लेखक एवं 20 पुस्तकों के संपादक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। विलक्षण प्रतिभा और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ. तिवारी ने भारतीय सैन्य सेवा में 15 वर्षों तक सेवाएं देने के उपरांत सेवानिवृत्ति ली। कम आयु में साहित्य, शिक्षा, राष्ट्रसेवा एवं संस्थागत नेतृत्व के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां अर्जित कर उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
वर्तमान में डॉ. शिवम् तिवारी प्रतिज्ञा सैनिक स्कूल तथा प्रतिज्ञा सैनिक टेक्निकल एवं वोकेशनल एजुकेशन, बछरावां, रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के प्रबंध निदेशक के रूप में दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में वे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
सम्मान समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं विद्वतजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रो. दिलीप मेहरा, विभागाध्यक्ष, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, आनंद (गुजरात); डॉ. लक्ष्मीकांत चंदेला, विभागाध्यक्ष, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा; आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक डॉ. शरद कृष्ण तथा ‘देवपुत्र’ पत्रिका के संपादक गोपाल माहेश्वरी सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
डॉ. शिवम् तिवारी को मिले इस सम्मान को साहित्य एवं शिक्षा जगत में उनके निरंतर योगदान की महत्वपूर्ण स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। ‘हिंदी भाषा भूषण-26’ सम्मान से सम्मानित होकर डॉ. तिवारी ने हिंदी साहित्य, भाषा और राष्ट्रभाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
