- मुंबई। लालबागचा राजा गणेशोत्सव मंडल में श्रद्धालुओं को बांटे जाने वाले भोजन और प्रसाद से निकलने वाला जैविक कचरा अब बिजली बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। बीएमसी ने इस वर्ष मंडल से निकलने वाले खाद्य अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की पहल की है।

गणेशोत्सव के दौरान मंडल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनके लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था के कारण बड़ी मात्रा में गीला कचरा भी निकलता है। बीएमसी के अनुसार, इस वर्ष मंडल से करीब 39 टन खाद्य अवशेष एकत्र किए गए। इस कचरे को अन्य कचरे से अलग रखकर जैव-मीथेनीकरण संयंत्र में भेजा गया, जहां इससे बायोगैस तैयार की गई। इसी प्रक्रिया के जरिए बिजली का उत्पादन किया गया।
बीएमसी के मुताबिक, इस व्यवस्था से खाद्य कचरे को सीधे भरावभूमि में भेजने की जरूरत कम होगी। साथ ही, जैविक कचरे को ऊर्जा के स्रोत के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। उत्पादित बिजली का इस्तेमाल बीएमसी अस्पतालों के वार्ड, गलियारों और अन्य सामुदायिक क्षेत्रों में रोशनी के लिए किया जाएगा।
धार्मिक आयोजनों से निकलने वाले गीले कचरे को कचरा मानकर फेंकने के बजाय उससे ऊर्जा तैयार करने की यह पहल कचरा प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक नया प्रयोग है।
