- मुंबई। महाराष्ट्र में हृदय रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए चलाए जा रहे एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत पिछले सात वर्षों में करीब 58 लाख ईसीजी जांच की गईं। इनमें 34 हजार से अधिक गंभीर हार्ट अटैक यानी एसटीईएमआई के मामले सामने आए। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर यह जानकारी सामने आई।

वर्ष 2020 में शुरू कार्यक्रम के तहत ईसीजी रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों को दूर से भेजी जाती है और करीब चार मिनट में उसकी जांच की जा सकती है। हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अन्य स्वास्थ्य सुविधा में तत्काल रक्त का थक्का घोलने वाली दवा दी जाती है। इसके बाद उसे एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए उच्चस्तरीय केंद्र भेजा जाता है।
फिलहाल यह कार्यक्रम 34 जिलों के 2,415 स्वास्थ्य केंद्रों और 134 हृदय उपचार केंद्रों में संचालित है।
मुंबई के सेवनहिल्स अस्पताल में तीन वर्षों के दौरान 2,657 हृदय उपचारों के विश्लेषण में करीब एक चौथाई मरीज 50 वर्ष से कम उम्र के पाए गए। 50-59 वर्ष के मरीजों की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत, जबकि 20-40 वर्ष के मरीजों की हिस्सेदारी करीब 6 प्रतिशत रही।
