
▪️ मुंबई। ऑनलाइन खरीदारी में उत्पादों की खूबियां बढ़ा-चढ़ाकर बताना और जरूरी जानकारी छिपाना अब कंपनियों को भारी पड़ सकता है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने स्पष्ट किया है कि उत्पादों का प्रचार करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अपनी भूमिका से जुड़ी जवाबदेही से बच नहीं सकते। केवल यह तर्क देना पर्याप्त नहीं होगा कि उत्पाद की बिक्री या भुगतान उनकी वेबसाइट के माध्यम से नहीं हुआ।
प्राधिकरण ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को उत्पादों की विशेषताओं, तकनीकी विवरण, आवश्यक प्रमाणपत्रों और इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों की स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सकती है।
इसी कड़ी में सीसीपीए ने वॉकी-टॉकी का प्रचार करने वाली कंपनी होगार टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशंस एलएलपी पर भ्रामक जानकारी देने के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी की वेबसाइट पर वॉकी-टॉकी का विज्ञापन उपलब्ध था, लेकिन वहां सीधे ऑनलाइन खरीद या भुगतान की सुविधा नहीं थी।
जांच में सामने आया कि वेबसाइट पर उपकरण की फ्रीक्वेंसी और उसके इस्तेमाल के लिए आवश्यक लाइसेंस या सरकारी मंजूरी से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। निर्धारित 446.0 से 446.2 मेगाहर्ट्ज बैंड में काम करने वाले पात्र उपकरणों को कुछ शर्तों के तहत लाइसेंस से छूट मिल सकती है, लेकिन अन्य नियामकीय और प्रमाणन संबंधी शर्तों का पालन जरूरी है।
सीसीपीए के इस रुख से इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरणों, खिलौनों और अन्य वस्तुओं का प्रचार करने वाले ऑनलाइन कारोबारियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। उपभोक्ता खरीदारी से पहले वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर भरोसा करते हैं। ऐसे में कीमत, गुणवत्ता, उपयोग की शर्तों और जरूरी प्रमाणपत्रों से संबंधित जानकारी छिपाना उन्हें गलत निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।
हालांकि, हर उत्पाद के मामले में प्लेटफॉर्म को स्वतः जिम्मेदार नहीं माना जाएगा। उसकी जवाबदेही विज्ञापन, उत्पाद की जानकारी और कारोबारी भूमिका के आधार पर तय होगी। उपभोक्ताओं को भी खरीदारी से पहले विक्रेता का विवरण, वारंटी, वापसी की शर्तें और आवश्यक प्रमाणपत्रों की जांच करनी चाहिए।
