
▪️मुंबई। आयकर रिटर्न देर से दाखिल करने वाले करदाताओं को राहत देते हुए मुंबई स्थित आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने अहम फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद रिटर्न दाखिल करने मात्र से जुर्माना लगाना उचित नहीं है, खासकर तब जब घोषित आय में कोई अतिरिक्त आय सामने न आई हो।
मामले में आयकर विभाग ने रिटर्न दाखिल करने में देरी के आधार पर आयकर अधिनियम की धारा 270ए के तहत करीब 3.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने पाया कि करदाता की घोषित आय से अधिक कोई आय नहीं मिली और विभाग ने घोषित आय को स्वीकार कर लिया था।
इन तथ्यों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने जुर्माना रद्द कर दिया। इस फैसले से उन करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने विभाग का नोटिस मिलने के बाद अपनी आय का पूरा विवरण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। हालांकि, जुर्माने से राहत का निर्णय प्रत्येक मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
