
▪️मुंबई
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र में सोमवार से रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी ड्रग डिटेक्शन मशीनों की शुरुआत की गई। इनकी मदद से करीब एक मिनट में दवाओं की प्राथमिक जांच कर संदिग्ध दवाओं की पहचान की जा सकेगी। यह तकनीक अपनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है।
राज्य सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये प्रति मशीन की दर से आठ पोर्टेबल मशीनें खरीदी हैं। इन पर कुल 9.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने बताया कि मशीनों में करीब 5,000 दवाओं की रासायनिक संरचना का डेटाबेस है। इनसे टैबलेट, कैप्सूल, तरल दवाओं और कफ सिरप की जांच की जा सकेगी।
ठाणे, पुणे, नागपुर, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और लातूर में मशीनें शुरू की गई हैं। इनके संचालन के लिए 16 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रत्येक मशीन दो अधिकारी संचालित करेंगे। जांच में गड़बड़ी का संकेत मिलने पर दवा का नमूना एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कंपनी पर कार्रवाई होगी और गंभीर मामलों में उसे काली सूची में डाला जा सकता है।
मंत्री ने बताया कि इस महीने के अंत तक 3,300 डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। पहले चरण में नवंबर के पहले सप्ताह में 1,400 डॉक्टर, जबकि दूसरे चरण में नवंबर के अंत तक 1,900 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे।
