▪️त्र्यंबकेश्वर में राष्ट्रपति भी करेंगी पूजा

- मुंबई। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ की धार्मिक तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर में धर्म ध्वजारोहण के साथ कुंभ के धार्मिक आयोजनों का औपचारिक शुभारंभ होगा। श्रृंगेरी पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती के सानिध्य में दोपहर 12:02 बजे आयोजित समारोह में दसों संन्यासी अखाड़ों के श्रीमहंत और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे।
समारोह में जूना, निरंजनी, महानिर्वाणी, आवाहन, बड़ा उदासीन, आनंद, निर्मल और नया उदासीन अखाड़े के प्रमुख संतों सहित अन्य धर्माचार्य उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी धर्म ध्वजारोहण के समय मौजूद रहेंगे।
इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोपहर करीब तीन बजे त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त कुंड पहुंचकर पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम है। पुरोहित संघ, नगर परिषद और मेला विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजन किया जा रहा है।
धर्म ध्वजारोहण से कुंभ की धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, हालांकि मुख्य अमृत स्नान के लिए श्रद्धालुओं को 2027 तक प्रतीक्षा करनी होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पहला अमृत स्नान 12 अगस्त 2027 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
