
▪️मुंबई। संन्यास आश्रम मुंबई के महामंडलेश्वर स्वामी श्री विश्वेश्वरानंद जी ने कहा कि गौशालाओं में 24 घंटे रहकर गौमाता की सेवा करने वाले सेवकों को भी सम्मान मिलना चाहिए। वे अमृतमयी गौभारती के गौमाता अंक के विमोचन एवं स्व. हस्तीमल जी स्मृति ईश्वर सृष्टि सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को संपन्न वर्ग का सहयोग मिलता है, लेकिन सेवकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है।
वारुमाल मठ के महामंडलेश्वर विद्यानंद जी और स्वामी शंकरानंद जी ने भी गौसेवा की चुनौतियों पर विचार रखे। गौसेवक सुनील मानसिंगका को सम्मानित किया गया। लक्ष्मीकांत सिंगरोदिया ने अभिनंदन पत्र पढ़ा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक रवींद्र संघवी, वीरेंद्र याज्ञिक और ईश्वर सृष्टि सेवा न्यास के अध्यक्ष कमलेश पारीक ने विचार रखे। सुयश सुनील पाटोदिया को परिवार परंपरा सम्मान दिया गया। स्वदेश खेतावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कमलेश पारीक ने मरोल, अंधेरी पूर्व में गौउत्पादों और गौसेवकों के ठहरने की सुविधाओं से युक्त केंद्र शुरू करने की जानकारी दी। पवन मल्लावत ने स्वागत और प्रदीप टिबडेवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश डीडवानिया, विनोद मोरवाल और विकास अग्रवाल ने किया। संतकुमार गोयल, रमेश सरावगी, अनिल गोयल, जयनारायण तिवारी, विनोद हिरण, लालचंद चौधरी, सुनील राठी और पुष्कर उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
