
■ पेरिस।
जहाँ रूस विश्व का सबसे विशाल भूभाग घेरता है और 11 समय क्षेत्रों में फैला है, वहीं फ्रांस के पास दुनिया में सबसे अधिक कुल 12 समय क्षेत्रों का रिकॉर्ड है। इसका कारण उसके विश्वभर में फैले विदेशी विभागों और द्वीपीय क्षेत्रों में निहित है।
फ्रांस की यह समय विविधता केवल पश्चिमी यूरोप में स्थित उसके मुख्य भूभाग तक सीमित नहीं है। इसका विस्तार प्रशांत महासागर से लेकर कैरेबियाई द्वीपों, दक्षिण अमेरिका और हिंद महासागर तक फैले क्षेत्रों तक जाता है। ये सभी क्षेत्र स्थानीय समयानुसार संचालित होते हैं, जो फ्रांस के मुख्य समय से काफी भिन्न हैं।
मुख्य भूमि फ्रांस सेंट्रल यूरोपियन टाइम (UTC+1) पर चलता है। वहीं कैरेबियाई द्वीपों ग्वाडेलूप, मार्टीनिक और सेंट मार्टिन में अटलांटिक स्टैंडर्ड टाइम (UTC−4) लागू है। इनके निकट स्थित सेंट पियरे और मिकेलॉन तथा फ्रेंच गयाना का समय UTC−3 है। वहीं प्रशांत महासागर के दूरस्थ क्लिपरटन द्वीप का समय UTC−8 है।

फ्रेंच पोलिनेशिया में समय का अंतर और भी रोचक है सोसाइटी द्वीपसमूह UTC−10, मार्केसस द्वीप UTC−9:30 और गैम्बियर द्वीप UTC−9 पर चलते हैं। इसके पश्चिम में स्थित न्यू कैलेडोनिया UTC+11 पर और वालिस व फ्यूटुना UTC+12 पर कार्य करते हैं। हिंद महासागर के रियूनियन और मायोट द्वीप UTC+3 पर हैं, जबकि फ्रेंच साउदर्न एंड अंटार्कटिक लैंड्स UTC+5 का पालन करते हैं।
फ्रांस का यह वैश्विक समय विस्तार उसके औपनिवेशिक अतीत और आज भी सक्रिय विदेशी क्षेत्रों की उपस्थिति का परिणाम है। इसी कारण से वह रूस और अमेरिका जैसे अन्य “टाइम जोन दिग्गजों” को भी पीछे छोड़ देता है।
तुलनात्मक रूप से, रूस कलिनिनग्राद (UTC+2) से कामचटका (UTC+12) तक 11 समय क्षेत्रों में फैला है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने क्षेत्रों गुआम, अमेरिकन समोआ और प्यूर्टो रिको को मिलाकर कुल 11 समय क्षेत्रों का उपयोग करता है।
फ्रांस की यह वैश्विक उपस्थिति उसे न केवल भूगोल में बल्कि समय की विविधता में भी अनूठा बनाती है।
