
● मुंबई।
महाराष्ट्र सरकार ने भारत की पहली पॉड टैक्सी परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जो जल्द ही ठाणे, नवी मुंबई और मीरा-भाईंदर को जोड़ेगी। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) इस महत्वाकांक्षी योजना की व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत रूपरेखा की देखरेख करेगा। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में बढ़ते यातायात जाम की समस्या का समाधान करना है।
एक उच्च स्तरीय बैठक में महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में इस योजना को मंजूरी दी गई। इसकी मदद से घंटों का सफर आप मिनटों में पूरा कर पाएंगे। शिंदे के नेतृत्व में शुरू की गई यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर संचालित होगी। एमएमआरडीए नोडल एजेंसी की भूमिका निभाएगा जबकि निजी फर्म परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन और उन्नत प्रौद्योगिकी के समावेश के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश प्रदान करेंगी।
पॉड टैक्सी, जिसे पर्सनल रैपिड ट्रांजिट भी कहा जाता है, छोटी, स्वचालित, चालक रहित और इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ होती हैं। ये एक बार में दो से छह यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन की गई हैं।
- ये पॉड समर्पित एलिवेटेड ट्रैक पर चलती हैं।
- इनकी सबसे बड़ी विशेषता है पॉइंट-टू-पॉइंट सेवा, जिसका अर्थ है कि यात्रियों को बीच में किसी भी ठहराव या सड़क हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी।
यह तकनीक कोई नई नहीं है; दुनिया भर के कई स्थानों पर पॉड टैक्सी प्रणालियाँ पहले से ही सफलतापूर्वक चल रही हैं। इनमें शामिल हैं-
- मस्दर सिटी (संयुक्त अरब अमीरात)
- हीथ्रो हवाई अड्डा (यूके)
- सुनचेओन सिटी (दक्षिण कोरिया)
- रिवियम (नीदरलैंड)
- यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य को आधुनिक और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
