
■ नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने पूरे देश में ‘भाड़ा करार 2025’ के नए नियम लागू कर दिए हैं। अब घरमालक मनचाहे तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे और सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा भी तय कर दी गई है। नए नियम किरायेदार और घरमालिक के बीच होने वाले विवादों को कम करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से लोग अक्सर घर किराए पर लेते हैं, लेकिन किराए और डिपॉजिट को लेकर मतभेद आम हो जाते हैं। इसी वजह से सरकार ने इसे कानूनी रूप से अधिक स्पष्ट और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
■ नए नियमों के मुख्य बिंदु
- हर किराया करार को दो महीने के भीतर रजिस्टर करना अनिवार्य है। यह रजिस्ट्रेशन राज्य सरकार की ऑनलाइन प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर किया जा सकेगा।
- तय समय में रजिस्ट्रेशन न कराने पर घरमालिक को 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
- सिक्योरिटी डिपॉजिट केवल दो महीने के किराए के बराबर ही लिया जा सकेगा। इससे मोटी राशि जमा कराने की प्रथा पर रोक लगेगी।
- किराया बढ़ाने से पहले घरमालिक को किरायेदार को नोटिस देना अनिवार्य होगा यानी किराया अब मनमानी तरीके से नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
- किरायेदार को घर खाली कराने के लिए उचित नोटिस और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। सीधी बेदखली अब संभव नहीं होगी।
- यदि कोई किरायेदार लगातार 3 महीने तक किराया नहीं देता तो घरमालिक मामले को ट्रिब्यूनल में ले जा सकेगा।
- विवादों के निपटारे के लिए विशेष ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है, जहां मामलों का निस्तारण 60 दिनों के भीतर किया जाएगा।

■ भाड़ा करार कैसे करें रजिस्टर?
- अपने राज्य की ऑनलाइन संपत्ति रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाएं।
- घरमालक और किरायेदार, दोनों के पहचान पत्र अपलोड करें।
- किराए से संबंधित विवरण भरें।
- दस्तावेज को ई-साइन कर सबमिट करें।
इतना करते ही आपका किराया करार आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड हो जाएगा। नए नियमों के साथ किराएदारी व्यवस्था अब अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होने जा रही है।
